ऐतिहासिक और समावेशी बजट से प्रदेश के विकास को मिलेगी नई गतिः जोशी
देहरादून। प्रदेश के कृषि एवं ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गैरसैंण विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 1,11,703.21 करोड़ का ऐतिहासिक और समावेशी बजट प्रस्तुत करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीबों, युवाओं, किसानों (अन्नदाताओं) और नारीशक्ति के उत्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और प्रदेश के सतत विकास की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का जो सकारात्मक प्रभाव धरातल पर दिखाई दे रहा है, यह बजट उन प्रयासों को और अधिक विस्तार देने का कार्य करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यह बजट ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि बजट में विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान, परिसंपत्तियों के निर्माण तथा आजीविका से जुड़े कार्यों के माध्यम से स्थायी आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत टठ-ळत्।ड ळ के लिए लगभग 705.25 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत पूंजीगत मद में लगभग 1642.20 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
कृषि मंत्री जोशी ने कहा कि कृषि और उद्यान क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। महक क्रांति योजना के लिए 10 करोड़, फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ हेतु 20 करोड़, मिशन एप्पल के लिए 42 करोड़, उच्च मूल्य वाले फलों जैसे कीवी और ड्रेगन फ्रूट के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 30.70 करोड़, राज्य में चाय विकास योजना के लिए 25.93 करोड़, सगंध पौधा केंद्र को अनुदान एवं सगंध पौधों के क्लस्टर विकास के लिए 24.75 करोड़, उद्यान बीमा योजना के लिए 40 करोड़ तथा मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना के लिए 20 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह बजट कृषि, ग्रामीण विकास और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देने वाला बजट है, जिससे प्रदेश के किसानों, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।
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